क्या आप जानते हैं? बिना दर्द के भी आ सकता है हार्ट अटैक — पहचानें साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण
अक्सर माना जाता है कि हार्ट अटैक हमेशा तेज सीने के दर्द के साथ आता है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार हार्ट अटैक बिना किसी स्पष्ट संकेत के होता है, जिसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है। इसकी पहचान कठिन होने के कारण यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि रोगी को शुरुआत में अंदाज़ा ही नहीं होता कि उसका दिल प्रभावित हो रहा है।
साइलेंट हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण
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हल्की जकड़न या दबाव: सीने में हल्की असहजता जो कुछ देर बाद गायब हो जाए—अक्सर लोग इसे गैस या अपच समझकर अनदेखा कर देते हैं।
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असामान्य थकान: अचानक और अत्यधिक कमजोरी या थकान, खासकर महिलाओं में, जो आराम करने पर भी न घटे।
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सांस में परेशानी: बिना किसी कारण सांस फूलना या हल्की सांस लेने में कठिनाई।
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शरीर के अन्य हिस्सों में अस्पष्ट दर्द: जबड़े, पीठ, गर्दन, बाँह या पेट में हल्का दर्द या असहजता।
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ठंडा पसीना: बिना वजह अचानक पसीना आना।
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चक्कर या मतली: सिर हल्का लगना, चक्कर आना या उलझन महसूस होना।
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नींद में बाधा: रात में बेचैनी के साथ अचानक नींद खुल जाना।
किन लोगों में जोखिम अधिक?
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और धूम्रपान करने वालों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। खासकर डायबिटीज मरीजों में नर्व डैमेज की वजह से दर्द महसूस करने की क्षमता घट जाती है, जिससे लक्षण पहचानना मुश्किल हो जाता है।
सबसे बड़ा खतरा
साइलेंट हार्ट अटैक का सबसे गंभीर पहलू यही है कि इसका पता देर से चलता है। बिना समय पर इलाज के, दिल की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान हो सकता है, जिससे आगे चलकर हार्ट फेलियर या अचानक कार्डिएक अरेस्ट का जोखिम बढ़ जाता है।
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