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Astrology

महाशिवरात्रि पर श्रद्धा और भक्ति का उत्साह, राशि अनुसार मंत्र जप का महत्व

करौली. भगवान शिव की आराधना का पावन पर्व महाशिवरात्रि श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को पड़ने वाला यह दिन शिवभक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवसर पर व्रत, रात्रि…
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बेहद प्रभावशाली हैं ये 4 रत्न, सही तरीके से धारण करने पर बदल सकती है आपकी किस्मत

रत्न ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार, किसी भी रत्न का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे कुंडली का सही निरीक्षण कराने के बाद ज्योतिषीय सलाह से धारण किया जाए। यदि कोई व्यक्ति बिना परामर्श के गलत रत्न पहन लेता है, तो उसे लाभ के बजाय नुकसान और…
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आज छठ पूजा का तीसरा दिन: डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें शुभ मुहूर्त और आज का पंचांग

आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि, दिन सोमवार है — और यह दिन छठ पूजा का तीसरा दिन है। आज शाम भक्त अस्तगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य देंगे। यह अर्घ्य सूर्यदेव को धन्यवाद देने और जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य तथा समृद्धि की कामना का…
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आज 19 अक्टूबर को छोटी दिवाली: काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि का विशेष संयोग

आज 19 अक्टूबर, रविवार को छोटी दिवाली है। इस अवसर पर काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि का विशेष संयोग बन रहा है। छोटी दिवाली दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 19…
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धनतेरस 2025: माता लक्ष्मी को खुश करने के लिए करें ये उपाय और बचें इन गलतियों से

दिवाली से ठीक दो दिन पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है और यह दिन सोने-चांदी की खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती…
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शारदीय नवरात्रि 2025: कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

शारदीय नवरात्रि 2025 सोमवार, 22 सितंबर से शुरू हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा की जाती है। यह कलश पूरे नौ दिनों तक पूजा स्थल पर रखा जाता है और नवरात्रि के अंतिम दिन इसे विसर्जित किया जाता है। कलश स्थापना…
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सूर्य ग्रहण 2025: पितृ अमावस्या पर लगेगा साल का आख़िरी ग्रहण, क्या प्रभावित होंगे श्राद्ध और…

साल 2025 का आख़िरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा। मान्यता है कि सूर्य और चंद्र ग्रहण के समय कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता, जबकि ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, दान और तर्पण जैसे कार्य किए जाते हैं ताकि दुष्प्रभावों से बचा जा सके। इस बार…
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