UPI ट्रांजेक्शन में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, जानिए ताज़ा आंकड़े

0

पिछले कुछ वर्षों में यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है और अब इसका दूसरे देशों तक विस्तार भारत की डिजिटल ताकत का बड़ा प्रमाण बनकर उभर रहा है। पर्यटन क्षेत्र के लिए यह पहल बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि आसान और सुरक्षित भुगतान व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगी और भारत-वियतनाम के बीच पर्यटन को नई गति देगी।

इससे छोटे व्यापारियों, होटल उद्योग, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय कारोबारों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और वियतनाम के बीच यह डिजिटल सहयोग भविष्य में मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों की नींव रखेगा। यह केवल तकनीकी साझेदारी नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक सहज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत लगातार डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और यूपीआई का अंतरराष्ट्रीय विस्तार इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

प्लूटोस वन के संस्थापक और सीईओ रोहित महाजन ने कहा कि भारत का यूपीआई आज दुनिया में देश की डिजिटल शक्ति का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत के यूपीआई को वियतनाम के भुगतान सिस्टम से जोड़ने की घोषणा एक बेहद सकारात्मक और दूरगामी कदम है।

महाजन ने कहा कि इससे दोनों देशों के लोगों को डिजिटल भुगतान में बड़ी सुविधा मिलेगी, खासकर भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को विदेश में भुगतान करते समय अब कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल सिर्फ पेमेंट सिस्टम को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की डिजिटल सोच और तकनीकी प्रगति को भी दर्शाती है। उनके मुताबिक, यूपीआई ने भारत में करोड़ों लोगों की जिंदगी आसान बनाई है और अब इसका वैश्विक विस्तार देश के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना यूपीआई को एक वैश्विक भुगतान प्रणाली बनाना है और वियतनाम के साथ यह साझेदारी उसी दिशा में मजबूत कदम है। इससे भारत की फिनटेक इंडस्ट्री को नई पहचान मिलेगी और भारतीय तकनीक पर दुनिया का भरोसा और मजबूत होगा।

अप्रैल 2026 में यूपीआई का रिकॉर्ड प्रदर्शन

अप्रैल 2026 में यूपीआई ट्रांजैक्शन का कुल वॉल्यूम 22.35 बिलियन रहा, जो सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

कुल लेनदेन मूल्य बढ़कर 29.03 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसमें 21 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।

औसतन प्रतिदिन 745 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जो मार्च के 730 मिलियन प्रतिदिन से अधिक है।

मार्च के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में मामूली गिरावट के बावजूद, अप्रैल 2026 यूपीआई के इतिहास के सबसे मजबूत महीनों में शामिल रहा। यह भारत में डिजिटल भुगतान की बढ़ती स्वीकार्यता और आम लोगों से लेकर व्यवसायों तक इसकी मजबूत पहुंच को दर्शाता है।

फिलहाल यूपीआई यूएई, सिंगापुर, फ्रांस, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित कई देशों में उपलब्ध है, और वियतनाम के साथ नई साझेदारी इसके वैश्विक विस्तार को और मजबूती देगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.