South की इन 5 फिल्मों में बोल्ड कंटेंट ने मचाई हलचल, OTT पर अकेले देखने लायक है इनकी कहानी
भारतीय सिनेमा में समय के साथ कहानियों और उन्हें पर्दे पर पेश करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। फिल्मों को ज्यादा रियलिस्टिक और इम्पैक्टफुल बनाने के लिए मेकर्स ने कई बार इंटिमेट और बोल्ड सीन्स का सहारा लिया। OTT प्लेटफॉर्म्स के दौर में ऐसे कंटेंट की स्वीकार्यता भी बढ़ी है।
बोल्ड फिल्मों की बात आते ही अक्सर बॉलीवुड या हॉलीवुड का जिक्र होता है, लेकिन मलयालम सिनेमा ने भी इस तरह की कहानियों और विषयों के साथ कई प्रयोग किए हैं। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में रिश्तों, इच्छाओं और सामाजिक वर्जनाओं को केंद्र में रखकर कई फिल्में बनाई गईं, जिनकी रिलीज के समय खूब चर्चा हुई।
आइए नजर डालते हैं मलयालम सिनेमा की ऐसी 5 फिल्मों पर, जो अपने इंटिमेट कंटेंट और कहानी की वजह से सुर्खियों में रहीं।
1. रासलीला (2012)
2012 में रिलीज हुई रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘रासलीला’ अपनी इंटिमेट कहानी और बोल्ड सीन्स को लेकर चर्चा में रही थी। माजिद के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1975 में रिलीज हुई इसी नाम की तमिल फिल्म का रीमेक थी।
1975 की ओरिजिनल फिल्म में कमल हासन और जयसुधा मुख्य भूमिकाओं में थे। वहीं, 2012 के वर्जन में दर्शम और प्रतिष्ठा को प्रमुख भूमिकाओं में लिया गया था।
फिल्म में रोमांस और इंटिमेसी को काफी प्रमुखता से दिखाया गया, जिसके चलते रिलीज के समय इसे लेकर दर्शकों और सेंसर से जुड़ी चर्चाएं भी हुईं। फिल्म को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा सकता है।
2. रथिनिर्वेदम (2012)
‘रथिनिर्वेदम’ भी 2012 में रिलीज हुई मलयालम फिल्मों में शामिल है, जिसने अपने बोल्ड ट्रीटमेंट के कारण काफी सुर्खियां बटोरी थीं। फिल्म में श्वेता मेनन और श्रीजीत विजय मुख्य भूमिकाओं में नजर आए।
राजीव कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म मशहूर लेखक पद्मराजन के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी। कहानी में रिश्तों, आकर्षण और भावनात्मक जटिलताओं को केंद्र में रखा गया था।
श्वेता मेनन इससे पहले बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। वह ‘इश्क’ के लोकप्रिय गाने ‘हमको तुमसे प्यार है’ में भी नजर आई थीं। बाद में उन्होंने ‘बिग बॉस मलयालम’ के पहले सीजन में भी हिस्सा लिया।
3. कायम (2011)
‘कयाम’ 2011 में रिलीज हुई थी और इसमें श्वेता मेनन, मनोज जयन और बाला प्रमुख भूमिकाओं में थे। अनिल नायर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को अपने इंटिमेट कंटेंट के कारण रिलीज के समय काफी चर्चा मिली।
फिल्म से जुड़ा एक विवाद उस समय सामने आया जब श्वेता मेनन ने निर्माताओं के खिलाफ शिकायत की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के कुछ इंटिमेट सीन्स के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना प्रचार सामग्री में किया गया था।
विवाद के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ गई थी। फिल्म को ऑनलाइन उपलब्ध प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा सकता है।
4. चटकारी (2012)
लेखक पम्मन के चर्चित उपन्यास ‘चटकारी’ पर आधारित यह फिल्म 2012 में रिलीज हुई थी। संतोष सेतुमाधवन के निर्देशन में बनी फिल्म में शमना कासिम मुख्य भूमिका में थीं।
फिल्म की कहानी एक एंग्लो-इंडियन लड़की और एक हिंदू युवक के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें प्रेम संबंधों के साथ-साथ सामाजिक मान्यताओं और रिश्तों से जुड़ी जटिलताओं को भी दिखाया गया है।
फिल्म अपने समय में इंटिमेट दृश्यों और संवेदनशील विषय के कारण चर्चा में रही थी। कहानी में रोमांस और रिश्तों को अपेक्षाकृत खुले अंदाज में पेश किया गया था।
5. अयाल (2013)
2013 में रिलीज हुई ‘अयाल’ को बोल्ड विषय के बावजूद आलोचकों और फिल्म प्रेमियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। सुरेश उन्नीनाथन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में लाल, लीना, इनाया और लक्ष्मी शर्मा प्रमुख भूमिकाओं में थे।
फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके दो महिलाओं के साथ जटिल रिश्ते हैं। फिल्म के जरिए मानवीय इच्छाओं, प्रेम और रिश्तों की पेचीदगियों को दिखाने की कोशिश की गई।
फिल्म में इंटिमेट सीन्स कहानी का हिस्सा थे, लेकिन इसकी चर्चा सिर्फ बोल्ड कंटेंट तक सीमित नहीं रही। लाल के अभिनय की भी तारीफ हुई और उन्हें इस फिल्म के लिए केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का सम्मान मिला।
मलयालम सिनेमा में बोल्ड कहानियों का अलग अंदाज
इन फिल्मों से यह भी पता चलता है कि मलयालम सिनेमा में बोल्डनेस का इस्तेमाल कई बार सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि रिश्तों, आकर्षण, सामाजिक दबाव और मानवीय भावनाओं जैसे विषयों को सामने रखने के लिए किया गया। यही वजह है कि इनमें से कुछ फिल्मों की चर्चा रिलीज के कई साल बाद भी होती है।
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