9 सितंबर को खुलेंगे 6 IPO, ₹4,500 करोड़ से ज्यादा जुटाने की तैयारी

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भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में सितंबर महीने के दौरान रिकॉर्ड हलचल देखने को मिल रही है। 9 सितंबर 2026 को एक ही दिन छह मेनबोर्ड कंपनियां अपना IPO लॉन्च करने जा रही हैं। इन इश्यू के जरिए कुल करीब ₹4,511 करोड़ जुटाने की योजना है। इसके अलावा दो SME IPO भी इसी दिन खुलने की तैयारी में हैं।

इस लिस्ट में Rentomojo, Asset Reconstruction Company (India), Manipal Payment & Identity Solutions, Karamtara Engineering समेत कई कंपनियां शामिल हैं। इन IPO के एक साथ आने से निवेशकों के सामने प्राइमरी मार्केट में निवेश के कई विकल्प होंगे।

किन कंपनियों के IPO पर रहेगी नजर?

Asset Reconstruction Company (India) का IPO 9 से 11 सितंबर तक खुलेगा। कंपनी का इश्यू करीब ₹732.97 करोड़ का है और इसमें पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इसका प्राइस बैंड ₹132 से ₹139 प्रति शेयर तय किया गया है।

Manipal Payment and Identity Solutions ने अपने IPO का आकार घटाकर ₹805 करोड़ कर दिया है। इसका प्राइस बैंड ₹322 से ₹339 प्रति शेयर है। इश्यू में ₹320 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹485 करोड़ का OFS शामिल है।

Karamtara Engineering का IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा। कंपनी ने इसके लिए ₹241-254 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है और करीब ₹875 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।

इसके अलावा Rentomojo, LCC Projects और Steamhouse India भी 9 सितंबर से IPO बाजार में उतरने वाली कंपनियों में शामिल हैं।

सितंबर में IPO बाजार क्यों हुआ तेज?

इस साल की शुरुआत में वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण भारत के IPO बाजार की रफ्तार कुछ धीमी रही थी। हालांकि, बाजार में जोखिम लेने की क्षमता और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के साथ कंपनियों ने दोबारा प्राथमिक बाजार का रुख किया है।

Reuters के मुताबिक, अगस्त के अंत तक भारत में 165 IPO के जरिए करीब $8.61 अरब जुटाए जा चुके थे। सितंबर में IPO गतिविधि और तेज होने की उम्मीद है और महीने के दौरान कुल इश्यू करीब $4 अरब तक पहुंच सकते हैं।

NSE IPO से बढ़ेगा उत्साह

सितंबर का सबसे बड़ा आकर्षण National Stock Exchange (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO भी हो सकता है। NSE को SEBI से IPO की मंजूरी मिल चुकी है और कंपनी सितंबर के तीसरे सप्ताह में इश्यू लाने की तैयारी कर रही है। इसका संभावित आकार करीब ₹30,000 करोड़ बताया जा रहा है।

अगर NSE का IPO तय कार्यक्रम के अनुसार आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक इश्यू में शामिल हो सकता है।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

एक ही दिन इतने IPO खुलने से निवेशकों को विकल्प तो बढ़ेंगे, लेकिन उपलब्ध पूंजी कई इश्यू में बंट सकती है। ऐसे में केवल IPO के आकार या ग्रे मार्केट गतिविधि के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी का बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज और IPO से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल का आकलन करना जरूरी होगा।

सितंबर की यह IPO लहर भारतीय प्राइमरी मार्केट में बढ़ते भरोसे का संकेत है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की भागीदारी मजबूत होने के बावजूद वे कंपनियों का चयन सोच-समझकर कर रहे हैं।

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