वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज में नया तरीका खोजा, इम्यून सिस्टम को भी करेगा मजबूत

7

आईआईएसईआर कोलकाता के वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज के लिए एक नया तरीका खोजा है। उन्होंने ऐसा अनुकूल बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक) तैयार किया है जो सीधे कैंसर के ट्यूमर को निशाना बनाकर उसे खत्म कर सकता है। यह खोज इसलिए अहम है क्योंकि अभी तक कैंसर का इलाज मुश्किल होता है, खासकर तब जब शरीर की अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) कैंसर से लड़ने में नाकाम हो जाती है।

कैंसर से लड़ने की नई राह
कैंसर कोशिकाएं अक्सर हमारे इम्यून सिस्टम को धोखा देती हैं और ‘टी रेगुलेटरी सेल्स’ नाम की खास कोशिकाओं के पीछे छिप जाती हैं। इससे शरीर उन्हें पहचान नहीं पाता और हमला नहीं कर पाता। इसी कारण कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी कभी-कभी पूरी तरह कारगर नहीं होती।

IISER की टीम ने इस चुनौती का अनूठा समाधान खोजा है। उनके बनाए बैक्टीरिया ट्यूमर का पता लगाकर उसकी गतिविधि रोक सकते हैं। ये बैक्टीरिया जीवित लक्षित दवाओं की तरह काम करते हैं, सीधे कैंसर कोशिकाओं पर हमला करते हैं और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को फिर से सक्रिय करते हैं।

‘रीसेट’ प्रोजेक्ट से बड़ी उम्मीद
इस पहल का नाम ‘रीसेट’ (RESET) है, यानी ‘प्रोग्रेमिंग द सपरेसिव एन्वायरमेंट ऑफ़ ट्यूमर माइक्रोएन्वायरमेंट’। यह प्रोजेक्ट कैंसर इलाज में बदलाव ला सकता है। टीम फिलहाल एक ऐसी प्रणाली पर भी काम कर रही है जो इलाज की प्रभावशीलता को माप सके।

IISER के 11 छात्रों की युवा टीम इस अक्टूबर में दुनिया की सबसे बड़ी सिंथेटिक जीव विज्ञान प्रतियोगिता iGEM में इस काम को प्रस्तुत करेगी। यह न केवल उनके संस्थान के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। यह नया प्रयोग कैंसर के इलाज में नई उम्मीद की किरण है, जो इस बीमारी से लड़ने में और ताकत देता है।

Comments are closed.