भारतीय पुरुषों में ओरल कैंसर का बढ़ता खतरा, इन 5 लक्षणों से पहचानें समय रहते
भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और पुरुषों में ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) सबसे आम प्रकारों में शामिल है। यह अक्सर मुंह के छोटे छाले की तरह दिखाई देता है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह गले और आसपास के हिस्सों तक फैल सकता है।
ओरल कैंसर के मुख्य कारण:
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तम्बाकू का सेवन: गुटखा, खैनी, जर्दा, पान मसाला, सिगरेट और बीड़ी आदि मुंह के टिश्यूज को सीधे नुकसान पहुंचाते हैं।
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शराब: तम्बाकू के साथ शराब का सेवन जोखिम और बढ़ा देता है।
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पान-सुपारी: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सुपारी को कार्सिनोजेनिक माना है।
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ओरल हाइजीन की कमी: दांतों की सड़न, मसूड़ों की बीमारी और सही तरीके से फिट न होने वाले नकली दांत कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
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HPV इन्फेक्शन: ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) भी ओरल कैंसर का कारण बन सकता है।
ओरल कैंसर के लक्षण:
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मुंह में घाव या छाले: दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न होने वाले घाव गंभीर चेतावनी हैं।
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सफेद या लाल दाग: मुंह के अंदर दिखने वाले दर्दरहित दाग प्री-कैंसरस लेशन हो सकते हैं।
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निगलने या चबाने में कठिनाई: खाने या पानी निगलने में परेशानी, गले में अटकना, या जबड़े की मूवमेंट में दिक्कत।
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मुंह से खून आना या सुन्नपन: बिना चोट के खून आना या किसी हिस्से में सुन्नपन महसूस होना। आवाज में बदलाव भी लक्षण हो सकते हैं।
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गर्दन में गांठ: लगातार बनी हुई और बढ़ती हुई गांठ लिम्फ नोड्स के बढ़ने का संकेत हो सकती है।
सावधानी: ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान जीवन रक्षक हो सकती है। अगर इन लक्षणों में से कोई भी दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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