PCOS को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं ये 4 योगासन, जानें सही तरीका
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में होने वाली एक आम हार्मोनल समस्या है। इसमें अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते हैं, जिससे अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस और गर्भधारण में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
PCOS का कोई एक निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन विशेषज्ञ इसके लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की सलाह देते हैं। इसी में योग भी मददगार साबित हो सकता है। नियमित योग अभ्यास से तनाव कम करने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने और PCOS से जुड़ी परेशानियों को मैनेज करने में सहायता मिल सकती है।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) की योग प्रशिक्षक वंदना गुप्ता ने भी PCOS और PCOD से जुड़ी समस्याओं को लेकर कुछ योगासनों के फायदे बताए हैं। उनके अनुसार, कुछ आसान योगासन शरीर को सक्रिय रखने और PCOS के लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं।
PCOS के लिए फायदेमंद 4 योगासन
1. बद्ध कोणासन (Bound Angle Pose)
बद्ध कोणासन बैठकर किया जाने वाला योगासन है। यह कूल्हों, पेट और जांघों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने में मदद करता है और शरीर में लचीलापन बढ़ाता है।
कैसे करें:
- पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं।
- घुटनों को मोड़ते हुए दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
- एड़ियों को धीरे-धीरे शरीर के करीब लाएं।
- दोनों हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़ें।
- इस स्थिति में 1 से 5 मिनट तक आराम से रहें।
- फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।
2. सुप्त बद्ध कोणासन (Supta Baddha Konasana)
यह आराम देने वाला योगासन है, जिसमें शरीर लेटने की अवस्था में रहता है। यह तनाव कम करने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है।
कैसे करें:
- सामान्य तरीके से बैठ जाएं और कूल्हों के पीछे एक तकिया रखें।
- पैरों को मोड़कर तलवों को आपस में मिलाएं।
- घुटनों को धीरे-धीरे बाहर की ओर जाने दें।
- हाथों को फैलाकर हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
- गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
- फिर आराम से सामान्य स्थिति में आ जाएं।
3. उष्ट्रासन (Camel Pose)
उष्ट्रासन शरीर में ऊर्जा और लचीलापन बढ़ाने वाला योगासन माना जाता है। यह रीढ़, छाती और पेट के हिस्से को सक्रिय करता है।
कैसे करें:
- योग मैट पर घुटनों के बल बैठें।
- घुटनों के बीच दूरी कंधों के बराबर रखें।
- रीढ़ को पीछे की ओर मोड़ते हुए हाथों को एड़ियों तक ले जाने की कोशिश करें।
- कुछ देर इसी स्थिति में रहकर गहरी सांस लें।
- धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आएं।
4. शशांकासन (Rabbit Pose)
शशांकासन के दौरान शरीर खरगोश जैसी मुद्रा में आ जाता है। यह मन को शांत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकता है।
कैसे करें:
- पालथी लगाकर बैठ जाएं।
- दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और रीढ़ सीधी रखें।
- सांस छोड़ते हुए हाथों को आगे की ओर लाएं।
- सिर या ठोड़ी को जमीन के करीब लाने की कोशिश करें।
- इस आसन को कुछ बार दोहरा सकते हैं।
PCOS को मैनेज करने के लिए योग के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान और डॉक्टर की सलाह भी जरूरी है। योग किसी भी बीमारी का अकेला इलाज नहीं है, लेकिन यह लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।
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