स्किन पर्जिंग: नया स्किनकेयर इस्तेमाल करते समय चेहरे पर दाने क्यों आते हैं

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जब आप नया स्किनकेयर शुरू करते हैं और चेहरे पर दाने, छोटे बंप्स या व्हाइटहेड्स उभरने लगते हैं, तो ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं। लगता है कि प्रोडक्ट सूट नहीं कर रहा, लेकिन कई बार यह स्किन पर्जिंग (Skin Purging) नामक सामान्य प्रक्रिया होती है।

डॉ. शेफाली महलावत, एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के डर्मेटोलॉजी विभाग, के अनुसार, यह आपकी त्वचा के बेहतर होने का शुरुआती संकेत हो सकता है।


स्किन पर्जिंग क्या है?

स्किन पर्जिंग तब होती है जब नई स्किनकेयर, खासकर एक्टिव इंग्रीडिएंट्स, सेल टर्नओवर को तेज कर देते हैं।

  • डेड स्किन और जमे हुए कंजेशन तेजी से बाहर आने लगते हैं।

  • पहले से बंद पोर्स सतह पर दिखने लगते हैं।

  • चेहरे पर छोटे दाने, बंप्स या हल्के ब्रेकआउट दिखाई दे सकते हैं।

  • यह आमतौर पर उन्हीं जगहों पर होता है जहां पहले भी पिंपल आते रहे हों।


स्किन पर्जिंग क्यों होती है?

अक्सर ये इंग्रीडिएंट्स स्किन पर्जिंग का कारण बनते हैं:

  • रेटिनॉइड्स

  • AHA (अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड)

  • BHA (बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड)

  • विटामिन C

  • नायसिनामाइड

  • केमिकल एक्सफोलिएंट्स

ये तत्व त्वचा की निचली परतों में मौजूद कंजेशन को सतह पर लाते हैं। शुरुआत में त्वचा खराब दिख सकती है, लेकिन यह अस्थायी होता है।


स्किन पर्जिंग कितने समय तक रहती है?

  • आमतौर पर 4–6 हफ्ते

  • यह समय होता है जब त्वचा नए एक्टिव से एडजस्ट करती है।

  • अगर दाने लंबे समय तक बने रहें या बढ़ जाएं, तो यह इरीटेशन, सेंसिटिविटी या एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।


क्या स्किन पर्जिंग अच्छी है?

हाँ, यह संकेत है कि स्किनकेयर त्वचा की गहराई में काम कर रहा है
पर्जिंग खत्म होने के बाद आमतौर पर ये सुधार दिखाई देते हैं:

  • पोर्स साफ दिखना

  • त्वचा का टेक्सचर स्मूद होना

  • कॉम्प्लेक्शन में निखार

ध्यान रहे, पर्जिंग हल्की और मैनेजेबल होनी चाहिए, दर्दनाक या सूजन वाली नहीं


पर्जिंग और सामान्य ब्रेकआउट में अंतर

पहलू स्किन पर्जिंग सामान्य ब्रेकआउट
जगह पहले से पिंपल वाले हिस्से नए, अनजान हिस्से
समय नया एक्टिव शुरू करते ही किसी भी समय
लुक छोटे, समान आकार के बंप्स/व्हाइटहेड्स बड़े, दर्दनाक सिस्ट
प्रोडक्ट टाइप सेल टर्नओवर बढ़ाने वाले बाकी प्रोडक्ट्स से होने वाले दाने

स्किन पर्जिंग में क्या करें?

  • एक्टिव का इस्तेमाल जारी रखें, जब तक जलन बहुत ज्यादा न हो।

  • शुरुआत में हफ्ते में 2–3 बार लगाएं।

  • नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर से स्किन बैरियर मजबूत करें।

  • फ्रेगरेंस-फ्री हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें।

  • स्क्रब से बचें, यह इरीटेशन बढ़ा सकता है।

  • रोजाना सनस्क्रीन लगाएं।

  • नए एक्टिव्स धीरे-धीरे शुरू करें—लो एंड स्लो

  • अगर दाने बहुत लाल, दर्दनाक या 6 हफ्ते से ऊपर बने रहें, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

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