आज 19 अक्टूबर को छोटी दिवाली: काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि का विशेष संयोग
आज 19 अक्टूबर, रविवार को छोटी दिवाली है। इस अवसर पर काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि का विशेष संयोग बन रहा है। छोटी दिवाली दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 19 अक्टूबर को दोपहर 1:51 बजे से शुरू होकर 20 अक्टूबर को 3:44 बजे तक रहेगी।
छोटी दिवाली पर काली चौदस
काली चौदस का उल्लेख गरुड़ पुराण में मिलता है, जिसमें यमराज के निमित्त दीपदान करने का विधान है। यह मुख्य रूप से गुजरात में दिवाली उत्सव के दौरान मनाई जाती है। चतुर्दशी तिथि के मध्यरात्रि काल को महा निशिता कहा जाता है। इस दिन मां काली और वीर वेताल की पूजा विशेष रूप से श्मशान में की जाती है। काली चौदस को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस से अलग समझना जरूरी है।
छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा
छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान पूजा करने से बुरी आत्माओं से रक्षा होती है और शक्ति प्राप्त होती है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने हनुमान जी को वरदान दिया था कि उनकी पूजा दिवाली से पहले की जाएगी। इस कारण से दिवाली से पहले हनुमान पूजा की परंपरा है।
छोटी दिवाली पर मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे और भगवान विष्णु तथा ब्रह्माजी ने उनकी पूजा की थी। मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से कठिन कार्य पूरे होते हैं और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। मंगलवार को पड़ने वाली शिवरात्रि विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।
छोटी दिवाली के विशेष उपाय
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धन और व्यवसाय में लाभ: पीले कपड़े में हल्दी, 11 गोमती चक्र, चांदी का सिक्का और 11 कौड़ियां बांधकर “श्रीं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें और इसे तिजोरी में रखें।
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नकारात्मक ऊर्जा समाप्त करने के लिए: मां काली को लौंग का जोड़ा अर्पित करें। चने की दाल और गुड़ का भोग भी शुभ माना जाता है। मां काली के बीज मंत्र का 108 बार जाप करने से शत्रुओं का नाश होता है।
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हनुमान पूजा: हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें। लड्डू या गुड़-चने का भोग भी शुभ है।
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शिवरात्रि पूजन: शिवलिंग का दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करें। “ऊं नमः शिवाय” का रुद्राक्ष माला से 11 बार जाप करें। धन संबंधी परेशानियों के लिए शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाएं और ग्रहों के अशुभ प्रभाव से मुक्ति के लिए शहद से अभिषेक करें।
छोटी दिवाली पर ये पूजा और उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, शक्ति प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए किए जाते हैं।
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