चीन ने माना भारत की लेजर मारक क्षमता, आइएडीडब्ल्यूएस परीक्षण को बताया उल्लेखनीय प्रगति
भारत ने शनिवार को कम और मध्यम दूरी तक मार करने वाली अपनी एकीकृत वायु रक्षा क्षमता का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण में हाई-पावर लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) को शामिल किया गया, जिसे इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) के तहत तैनात किया गया है।
बीजिंग स्थित एयरोस्पेस नॉलेज मैगज़ीन के मुख्य संपादक और सैन्य विशेषज्ञ वांग या’नान ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि भारत की IADWS प्रणाली को कम और मध्यम दूरी के लक्ष्यों को भेदने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से दुश्मन के ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल, हेलीकॉप्टर और नीची उड़ान वाले लड़ाकू विमान सीमित दायरे में निशाना बनाए जा सकते हैं।
आइएडीडब्ल्यूएस के घटक
IADWS एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें शामिल हैं:
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सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें (QRSAM)
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कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) मिसाइलें
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उच्च क्षमता वाली लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) प्रणाली
वांग ने बताया कि इस प्रणाली की सफलता का मुख्य रहस्य इसकी प्रभावी सूचना प्रणाली है, जो लक्ष्य से संबंधित डेटा को संबंधित हथियार घटकों तक तेजी से पहुंचाती है।
सीमित देश ही रखते हैं DEW प्रणाली
उनके अनुसार, केवल अमेरिका, रूस, चीन, यूके, जर्मनी और इज़राइल जैसी सात ही देश DEW जैसी युद्ध-तैयार लेजर प्रणालियों को तैनात कर पाए हैं। वांग ने चीन की LW-30 वाहन-आधारित लेजर रक्षा प्रणाली की ओर भी इशारा किया, जिसे “ड्रोन किलर” कहा जाता है। यह प्रणाली तेज, लचीली, सटीक और लगातार उपयोग के लिए सक्षम है।
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