ग्रीन टी के 7 साइड इफेक्ट्स जो बिगाड़ सकते हैं आपकी सेहत, हेल्दी समझकर रोज पीने वाले ज़रूर हो जाएं सावधान

2

ग्रीन टी को आमतौर पर हेल्दी पेय माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स, कैटेचिन्स और पॉलीफेनॉल्स शरीर को टॉक्सिन्स से बचाते हैं, मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और वजन कम करने में सहायक होते हैं। लेकिन यह धारणा सही नहीं कि ग्रीन टी सभी के लिए सुरक्षित हो। कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। यहां जानिए किन लोगों को ग्रीन टी से परहेज करना चाहिए:


1. प्रेग्नेंट महिलाएं

ग्रीन टी में मौजूद कैफीन व टैनिन्स फोलिक एसिड के एब्जॉर्प्शन को कम कर देते हैं, जिससे भ्रूण में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है। ज्यादा कैफीन समय से पहले प्रसव या कम वजन वाले बच्चे का कारण भी बन सकता है।

2. ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं

कैफीन मां के दूध के जरिए शिशु तक पहुंचकर उसकी नींद बिगाड़ सकता है, उसे चिड़चिड़ा बना सकता है और पेट की समस्याएं पैदा कर सकता है—खासकर नवजात शिशुओं में यह प्रभाव अधिक होता है।

3. कैफीन सेंसिटिव लोग

जो लोग कैफीन के प्रति संवेदनशील होते हैं, उन्हें हल्की मात्रा में भी धड़कन बढ़ना, घबराहट, कंपकंपी और चक्कर आ सकते हैं। उनके लिए ग्रीन टी का नियमित सेवन लक्षणों को और बढ़ा सकता है।

4. एनीमिया के मरीज

ग्रीन टी के टैनिन्स आयरन के एब्जॉर्प्शन में बाधा डालते हैं, जिससे आयरन की कमी और गंभीर हो सकती है। जिनका हीमोग्लोबिन पहले ही कम है, उन्हें ग्रीन टी नुकसान पहुंचा सकती है।

5. पेट या लिवर रोग से पीड़ित लोग

खाली पेट ग्रीन टी पीने से एसिडिटी, गैस, मितली और जलन की समस्या बढ़ सकती है। ज्यादा मात्रा में सेवन कुछ मामलों में लिवर एंजाइम्स पर भी नकारात्मक असर डालकर लीवर डैमेज का जोखिम बढ़ा देता है।

6. हाई बीपी या हार्ट पेशेंट्स

ग्रीन टी में मौजूद कैफीन ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को प्रभावित कर सकता है। यह कार्डियक दवाओं के असर को भी बदल सकता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

7. ब्लड थिनर लेने वाले लोग

ग्रीन टी में मौजूद विटामिन K वारफेरिन जैसी ब्लड थिनिंग दवाओं के प्रभाव को कम कर देता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है।

Comments are closed.