तेजस्वी यादव के एपिक नंबर विवाद पर राजनीति गरमाई: भाजपा के आरोप, चुनाव आयोग की नोटिस
राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा मतदाता सूची से नाम गायब होने का दावा करते हुए चुनाव आयोग की सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाना अब खुद उन्हीं पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। भाजपा ने दावा किया है कि तेजस्वी ने जो EPIC नंबर सार्वजनिक रूप से दिखाया, वह फर्जी है, और उनके पास दो अलग-अलग EPIC नंबर कैसे हैं, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।
भाजपा के आरोप
भाजपा प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने रविवार को एक प्रेसवार्ता में दस्तावेज पेश कर दावा किया कि तेजस्वी यादव ने मीडिया के सामने जो EPIC नंबर (RAB2916120) दिखाया, वह रिकॉर्ड में नहीं है। पात्रा ने यह भी कहा कि तेजस्वी ने 2020 के विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्र में जो EPIC नंबर दिया था—RAB0456228, उसी पर उनका नाम वर्तमान में दीघा विधानसभा, पोलिंग स्टेशन नंबर 2004, लाइब्रेरी बिल्डिंग, एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी, क्रमांक 416 पर दर्ज है।
भाजपा ने सवाल उठाया कि यदि एक व्यक्ति के पास दो EPIC नंबर हैं, तो यह कैसे संभव है? क्या यह मतदाता पहचान प्रणाली में जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास है? संबित पात्रा ने कांग्रेस और राजद दोनों पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या इनके कार्यकर्ता “दो-दो वोटर आईडी” लेकर चुनावों को प्रभावित करने की मंशा रखते हैं?
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव से उस EPIC नंबर (RAB2916120) का विवरण मांगा है जिसे उन्होंने हाल ही में मीडिया के समक्ष दिखाया था, परंतु आयोग के रिकॉर्ड में वह नंबर मौजूद नहीं है। आयोग ने इस मामले में आधिकारिक जांच शुरू कर दी है और तेजस्वी को नोटिस जारी किया गया है, साथ ही उस कथित पहचान पत्र की प्रति भी मांगी गई है।
सवालों के घेरे में तेजस्वी
भाजपा ने तेजस्वी यादव से स्पष्ट पूछा है:
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आपके पास दो EPIC नंबर क्यों हैं?
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क्या आपने जानबूझकर झूठा नंबर साझा किया?
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क्या आपके पास दो वोटर आईडी हैं?
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क्या SIR प्रक्रिया के डर से भ्रम फैलाया गया?
SIR प्रक्रिया और विपक्ष का विरोध
भाजपा का कहना है कि लगभग 1.5 लाख बीएलए (Booth Level Agents) में से किसी ने भी बीएलओ (Booth Level Officer) से नाम हटने की शिकायत नहीं की है। केवल 3223 नाम जोड़ने के आवेदन आए हैं, जबकि RJD के 47,526 बीएलए अब तक चुप क्यों हैं?
यह प्रकरण न सिर्फ तेजस्वी यादव की राजनीतिक साख के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि EPIC नंबर और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतभेद अब और गहराते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में आयोग की जांच और तेजस्वी की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
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