यमुना का जलस्तर बढ़ा, एनसीआर के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराया
हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी अब फरीदाबाद की सीमा में पहुंच गया है। बुधवार सुबह यमुना में 1.65 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था, जो शाम तक बढ़कर 2.09 लाख क्यूसेक हो गया। जलस्तर 200.75 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 202.30 मीटर है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र और राहत कार्य
-
बसंतपुर और इस्माइलपुर में एसडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट से फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला।
-
अब तक 167 लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में ठहराया गया है।
-
करीब 250 घर आंशिक रूप से डूब गए हैं।
-
मोहना, छायंसा, मोठूका, अरुआ, चांदपुर और शाहजहांपुर की फसलें पानी में डूब गई हैं।
स्वास्थ्य और प्रशासन की तैयारी
-
स्वास्थ्य विभाग की 40 टीमें 14 गांवों में सक्रिय हैं।
-
प्रभावित क्षेत्रों में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
-
एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन की अपील
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और फसलों के नुकसान की जानकारी ई-मुआवजा पोर्टल पर अपलोड करने की अपील की है।
Comments are closed.