ईरान के खजाने से इजरायली हैकरों ने चुरा लिए 400 करोड़! खामेनेई हुकूमत सन्न

20

ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला साइबर हमला सामने आया है। इजरायल से जुड़े माने जाने वाले हैकर ग्रुप गोंजेश्के दरांदे (Predatory Sparrow) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनी नोबीटेक्स (Nobitex) से करीब 48 मिलियन डॉलर (लगभग 400 करोड़ रुपये) की डिजिटल संपत्ति चुरा ली है। इस घटना से ईरानी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

नोबीटेक्स पर आरोप: आतंक फंडिंग में सहयोग

जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, Predatory Sparrow ने नोबीटेक्स को निशाना बनाया क्योंकि यह कंपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए ईरानी सरकार को क्रिप्टो के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने में मदद कर रही थी। हैकर ग्रुप ने आरोप लगाया है कि नोबीटेक्स ईरान की आतंकी गतिविधियों को फंड करने में भी भूमिका निभा रही थी।

चेतावनी: डेटा सार्वजनिक करने की धमकी

हैकर ग्रुप ने दावा किया कि उन्होंने 400 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चुराई है और अब वे नोबीटेक्स का सोर्स कोड और इंटरनल डेटा अगले 24 घंटे में सार्वजनिक कर देंगे। इससे ईरान की साइबर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरियां उजागर हो सकती हैं।

आम लोगों को भी चेतावनी

Predatory Sparrow ने ईरान के आम नागरिकों को भी चेतावनी दी है कि यदि वे सरकार से जुड़े इन नेटवर्क्स में अपना पैसा लगाएंगे, तो वे भी खतरे में पड़ सकते हैं। ग्रुप का संदेश है – “अब भी वक्त है, अपने पैसे को बचा लो। आतंकी नेटवर्क से जुड़ना अपने डिजिटल धन को जोखिम में डालना है।”

दूसरा बड़ा हमला: सेपाह बैंक पर साइबर अटैक

इस हफ्ते दूसरा बड़ा हमला ईरान के प्रभावशाली सेपाह बैंक पर हुआ, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नियंत्रण में है। यह बैंक न केवल सैन्य फंडिंग में महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके सिस्टम देशभर के पेट्रोल पंप नेटवर्क से भी जुड़े हैं।

इस साइबर हमले के बाद कई पेट्रोल स्टेशनों की सेवा बाधित हो गई। हालांकि ईरानी मीडिया ने इस पर चुप्पी साधी है, लेकिन Predatory Sparrow ने इस हमले की भी जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि बैंक का सारा डेटा नष्ट कर दिया गया है।

Comments are closed.