Shardiya Navratri: आगमन ही नहीं… मां के प्रस्थान की सवारी भी दे रही अशुभ संकेत
माता दुर्गा के भक्तों के लिए अश्विन मास बेहद खास महीना होता है. इसी महीने में शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. नवरात्रि के पूरे 9 दिन में माता दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है.
नवरात्रि में माता का आगमन जितना खास होता है, उतना ही महत्वपूर्ण माता का प्रस्थान भी माना जाता है. मान्यता के अनुसार, नवरात्रि में माता की सवारी से उनका प्रभाव माना जाता है. इस बार माता का आगमन पालकी पर हो रहा है, जिसे शुभ नहीं माना जा रहा. वहीं, मां का प्रस्थान भी कुछ खास संकेत दे रहा है. ये भी शुभ नहीं है.
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 को बताया कि हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि की शुरुआत होती है. इस साल 3 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होगी. वहीं 12 अक्टूबर को विजयदशमी है. इस बार माता दुर्गा के आगमन के दिन से माता की सवारी तय की जाती है. इस साल माता डोली पर आने वाली हैं, जो शुभ संकेत नहीं होता है. माता दुर्गा डोली पर आने से मौसमी बीमारी की चपेट में ज्यादा लोग आने वाले हैं, प्राकृतिक आपदा ज्यादा हो सकती है आदि.
क्या है प्रस्थान की सवारी के संकेत
ज्योतिषाचार्य ने आगे बताया कि जिस तरह माता दुर्गा के आगमन की सवारी दिन के अनुसार तय की जाती है, उसी तरह प्रस्थान की सवारी भी तय की जाती है. इस साल माता दुर्गा के प्रस्थान की सवारी चरणायुद्ध यानी बड़े पंजे वाला मुर्गा है, जो शुभ संकेत बिलकुल भी नहीं है. यह देश दुनिया पर बुरा असर डालने वाला है. लड़ाई-झगड़े बढ़ेंगे, आंशिक महामारी फैलेगी, प्राकृतिक आपदाओं की घटना ज्यादा घटेगी, राजनीतिक उठक-पठक भी हो सकती है.
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