उपराष्ट्रपति और भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर जल्द होगा फैसला, पीएम की वापसी के बाद बढ़ेगी हलचल
उपराष्ट्रपति पद अचानक खाली होने के साथ ही भाजपा अब नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर भी एक साथ फैसला ले सकती है। पार्टी दोनों पदों के लिए ऐसे उम्मीदवारों का चयन करना चाहती है, जिनसे राजनीतिक, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधा जा सके।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा और आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस विषय पर बैठक हो सकती है।
भाजपा अध्यक्ष पद का चुनाव काफी समय से लंबित है, हालांकि शीर्ष नेतृत्व इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के संकेत देता रहा है। लेकिन अब उपराष्ट्रपति पद पर अचानक रिक्तता के कारण दोनों नियुक्तियों पर एक साथ निर्णय की संभावना बढ़ गई है।
समानांतर प्रक्रिया, अलग-अलग मापदंड
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि दोनों पदों की प्रक्रिया अलग-अलग है और इनमें कोई टकराव नहीं है। केवल उपयुक्त चेहरों का चयन करना शेष है।
भाजपा अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी वर्ग के नेता को तरजीह दिए जाने की संभावना है, जबकि उपराष्ट्रपति के लिए अगड़ी जाति या अल्पसंख्यक वर्ग से किसी पूर्व या वर्तमान राज्यसभा सांसद को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
राजग को भी दी जाएगी जानकारी
हालांकि उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार भाजपा से ही होगा, लेकिन राजग के घटक दलों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
दोनों पदों के लिए निर्णय क्षमता जरूरी होगी, लेकिन इसके साथ-साथ सामाजिक समीकरण और राष्ट्रीय राजनीतिक नैरेटिव को भी ध्यान में रखा जाएगा। उम्मीद है कि अगले पखवाड़े में दोनों पदों के लिए नामों पर अंतिम फैसला हो जाएगा। उपराष्ट्रपति चुनाव की आधिकारिक सूचना अगले सप्ताह आ सकती है।
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