लड़कियों के वर्जिनिटी टेस्ट से स्ट्रिप चेकिंग तक: सऊदी क्राउन प्रिंस MBS के ‘नर्क’ में महिलाओं पर बर्बर अत्याचार का खुलासा

4

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) को दुनिया एक आधुनिक सोच वाले नेता के रूप में जानती है — वही नेता जिन्होंने महिलाओं को ड्राइविंग की आज़ादी दी। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसा अंधेरा सच छिपा है, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। बताया जाता है कि MBS के शासन में एक ऐसा “नर्क” चलाया जा रहा है, जहां महिलाओं को बर्बरता की हद तक प्रताड़ित किया जाता है।

‘दाल अल रेया’ — महिलाओं का भयावह सुधार गृह

सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बने इस कथित “सुधार गृह” का नाम है ‘दाल अल रेया’। लेकिन हकीकत में यह सुधार नहीं, सज़ा का ठिकाना है। यहां वे महिलाएं लाई जाती हैं जिन्होंने अपने पिता या पति को नाराज़ कर दिया हो — चाहे घर से भाग जाना, किसी पुरुष मित्र से मिलना, या पारिवारिक नियम तोड़ना ही क्यों न हो।
मर्दों की शिकायत पर इन महिलाओं को यहां कैद किया जाता है। बताया जाता है कि यहां उन्हें जबरन वर्जिनिटी टेस्ट से गुजरना पड़ता है और कोड़ों से पीटा जाता है।

MBS के ‘केयर होम्स’ की हकीकत

सरकार इन जगहों को “केयर होम्स” या “रिफॉर्म सेंटर्स” कहती है, लेकिन अंदर का सच बेहद भयावह है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिलाओं को वहां इस हद तक तोड़ा जाता है कि उनकी पूरी शख्सियत बदल जाती है। उन्हें बाहरी दुनिया से काट दिया जाता है, इस्लामी शिक्षा जबरन पढ़ाई जाती है, और “सुधार” के नाम पर नियमित रूप से सज़ा दी जाती है।

ब्रिटिश अख़बार द गार्जियन से बात करते हुए एक पूर्व कैदी सारा अल याहिया ने खुलासा किया कि यहां सिर्फ “बिगड़ी हुई” नहीं, बल्कि साधारण लड़कियां भी लाई जाती हैं — सिर्फ इसलिए कि उन्होंने परिवार की किसी इच्छा के खिलाफ कदम उठा लिया था।

अंदर की भयावह कहानियां

सारा ने बताया कि यहां भर्ती से पहले महिलाओं के सारे कपड़े उतरवाकर “जांच” की जाती है। वर्जिनिटी टेस्ट आम बात है। लड़कियों को ड्रग्स देकर बेहोश या सुन्न रखा जाता है ताकि वे विरोध न कर सकें। किसी साथी कैदी से बात कर लेने पर भी उन्हें “लेस्बियन” कहकर कोड़े लगाए जाते हैं।

‘दाल अल रेया’ का नाम सुनते ही महिलाएं दहशत में आ जाती हैं। कुछ तो भर्ती होने से पहले ही आत्महत्या कर लेती हैं। इसी साल जून में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक महिला इस “केयर सेंटर” से भागने की कोशिश में बिल्डिंग की खिड़की से लटकती दिखी — लेकिन जान जोखिम में डालकर भी वो आज़ाद नहीं हो सकी।

दुनिया के सामने MBS चाहे जितने प्रगतिशील दिखें, पर सऊदी अरब की कई महिलाओं के लिए उनका “नया युग” अब भी डर, सज़ा और कैद का दूसरा नाम है।

Comments are closed.