“21 जुलाई को सावन की दूसरी सोमवारी और कामिका एकादशी का शुभ संयोग, बन रहे हैं कई मंगलकारी योग”
इस साल 21 जुलाई 2025 को सावन माह की दूसरी सोमवारी और कामिका एकादशी एक ही दिन पड़ रही है। इस दुर्लभ योग में भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना विशेष फलदायी मानी गई है। व्रती शिवभक्ति में लीन रहकर सोमवारी व्रत रखेंगे और मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना करेंगे।
🔱 बन रहे हैं विशेष शुभ योग
ज्योतिषियों के अनुसार, इस सोमवारी पर कई दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं:
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वृद्धि योग – शाम 06:39 बजे तक: इस योग में पूजा करने से सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।
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सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरा दिन: इस योग में शिव-पार्वती की पूजा सभी कार्यों में सफलता दिलाती है।
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अमृत सिद्धि योग – रात 09:37 बजे तक: इस योग में की गई आराधना से सिद्धि और कल्याण प्राप्त होता है।
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शिववास योग – पूरी रात्रि तक: इस योग में भगवान शिव की पूजा से साधक को अक्षय फल और शिवकृपा प्राप्त होती है। सुबह 09:38 बजे तक शिव कैलाश पर विराजमान रहेंगे, इसके बाद वे नंदी की सवारी करेंगे।
🕰️ शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
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कामिका एकादशी तिथि समाप्ति – सुबह 09:38 बजे तक
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द्वादशी तिथि प्रारंभ – उसके बाद
पूजा और व्रत किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन उपरोक्त योगों में करना विशेष फलदायी रहेगा।
🧘♂️ दिन के प्रमुख मुहूर्त (Panchang Highlights)
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:36 AM |
| सूर्यास्त | 07:18 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:14 AM – 04:55 AM |
| विजय मुहूर्त | 02:44 PM – 03:39 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 07:17 PM – 07:38 PM |
| निशीथ काल | 12:07 AM – 12:48 AM |
निष्कर्ष:
सावन की दूसरी सोमवारी पर इस बार भक्तों को कामिका एकादशी, शुभ योगों और शिववास का विशेष संगम प्राप्त हो रहा है। इस पावन दिन पर की गई शिव-शक्ति आराधना से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना प्रबल है।
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