ऑपरेशन सिंदूर: पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता, PM मोदी ने सिंधु नदी पर पाकिस्तान को दिया सख्त संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पाकिस्तान को साफ शब्दों में कह दिया कि भारत का मत एकदम स्पष्ट है, “टेरर और टॉक, एक साथ नहीं हो सकते.

टेरर और ट्रेड, एक साथ नहीं चल सकते. और… पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता.” पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों और उनके ठिकानों के खिलाफ शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के बहादुर सशस्त्र बलों, सैनिकों, वैज्ञानिकों और खुफिया एजेंसी को ‘सैल्यूट’ किया.

पीएम मोदी ने कहा, “पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार, जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे हैं वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा. अगर बचना है तो आतंक का सफाया करना ही होगा. इसके अलावा कोई और रास्‍ता नहीं है. भारत का मत एकदम स्‍पष्‍ट है… जिस तरह – टेरर और टॉक, टेरर और ट्रेड साथ नहीं चल सकते, उसी तरह के पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकते… पाकिस्तान को अगर बचना है, तो उसे अपने टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा.”

‘पानी और खून’ के एक साथ नहीं बहने का जिक्र कर पीएम मोदी पाकिस्तान को बता दिया कि सिंधु जल समझौता उस वक्त कर सस्पेंड रहेगी, जब तक कि सीमा पार से आतंकवाद का खेल खत्म नहीं हो जाता. दरअसल, भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 भारतीयों की हत्या के बाद दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है. इस वजह से पाकिस्तान को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.

विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि के तहत 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे एवं इस्तेमाल को नियंत्रित किया गया है. सिंधु नदी प्रणाली में मुख्य नदी सिंधु और उसकी सहायक नदियां शामिल हैं. रावी, ब्यास, सतलुज, झेलम और चिनाब इसकी सहायक नदिया हैं. वहीं काबुल नदी भारतीय क्षेत्र से होकर नहीं बहती है.

रावी, ब्यास और सतलुज को पूर्वी नदियां जबकि सिंधु, झेलम तथा चिनाब को पश्चिमी नदियां कहा जाता है. इस नदी प्रणाली का पानी भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. स्वतंत्रता के समय भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा सिंधु बेसिन से होकर गुजरती थी, जिससे भारत ऊपरी तटवर्ती देश और पाकिस्तान निचला तटवर्ती देश बन गया.

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